SANCHAR SATHI APP: गोपनीयता जोखिम, ट्रैकिंग सिस्टम और छिपे खतरों की व्याख्या (2025 गाइड) BY ATUL MISHRA NAGPUR
परिचय-
आज भारत डिजिटल सुरक्षा के नए युग में प्रवेश कर चुका है। हालाँकि, सुरक्षा और निगरानी की रेखा अक्सर बहुत पतली होती है। सरकार द्वारा लॉन्च किया गया Sanchar Saathi App साइबर क्राइम और ऑनलाइन धोखाधड़ी से लोगों को बचाने वाला सुरक्षा टूल बताया जा रहा है।
Sanchar Saathi नाम भी ऐसा चुना गया है कि सुनते ही भरोसा लगे — ‘संचार’ यानी संवाद, और ‘साथी’ यानी मददगार दोस्त।
लेकिन दूसरी तरफ, जैसे-जैसे तकनीक गहरी होती जा रही है, privacy experts ने यह सवाल उठाया है कि अगर यह ऐप voluntary है, तो इसे uninstall करने की अनुमति क्यों नहीं है?
इसलिए, बहुत लोग पूछ रहे हैं —“क्या Sanchar Saathi App एक security app है, या फिर यह भारत में digital surveillance राज्य की शुरुआत है?”
आगे इस ब्लॉग में, हम जानेंगे:
Sanchar Saathi App के फायदे, खतरें, misuse examples — और यह भी समझेंगे कि आखिर Sanchar Saathi App क्या है?
SANCHAR SATHI APP Kya Hai?और सरकार क्या बताती है?
- सरकार का कहना है कि Sanchar Saathi का काम है — IMEI चेक करना, पता लगाना कि आपका फोन असली है या फर्जी/चोरी-किया हुआ, लेकिन अगर चोरी हुआ हो तो उसे ब्लॉक करना।
- साथ ही, यह ऐप आपको फ्रॉड/SMS-धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने का, संदिग्ध कनेक्शन (फर्जी SIMs) की जांच करने का, और अपने फोन की सुरक्षा तय करने का विकल्प देता है।
- उपरांत सरकार का तर्क: भारत में दूसरे-हाथ फोन बाजार, फर्जी IMEI वाले फोन, चोरी / फ्रॉड जैसी समस्याएँ बहुत हैं; इसलिए ऐप से उनपर लगाम लग सकती है।
लेकिन — जो मायने रखता है: निज़ता, आज़ादी और निगरानी
आपके डर के कई बिंदु वाज़िब हैं। सबसे पहले,यहाँ वो प्रमुख पहलू हैं जिन पर आलोचना हो रही है:
- एक ओर सरकार ने मोबाइल कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे इस ऐप को हर नए फोन में पहले से ही इंस्टॉल करके दें, यानी यूज़र चाहे या न चाहे, ऐप फोन में मौजूद होगा।
- इसके अलावा ऐसा संभव है कि ये ऐप “system-level / root-level access” ले — जिससे सिर्फ एक सामान्य ऐप नहीं, बल्कि आपके फोन के बीच-बीच में बनीं दूसरी ऐप्स की जानकारी, कॉल/मैसेज लॉग, IMEI, SIM-डेटा, कैमरा/फ़ोटो आदि सरकार / प्रशासन के लिए एक्सेसिबल हो जाएँ।
- नतीजतन,जब एक सरकारी ऐप हर फोन पर मजबूर हो, और उसे हटाना या नियंत्रित करना मुश्किल हो — तो वो सुविधा नहीं, खतरा बन जाती है। आपके निजी डेटा, कॉल-मैसेज, इंटरनेट-इतिहास, लोकेशन, स्मार्टफोन गतिविधियाँ — सब सार्वजनिक स्पेस में आ सकती हैं।
- Outlook India on Pre-installed Apps ↗
इसीलिए,लोग अब पूछ रहे हैं: अगर ऐप सुरक्षित और लोगों के भले के लिए है, तो फिर इतनी मजबूरी क्यों? इसे “गुलामी” जैसा बताते हैं — आपकी आज़ादी, निजी-जिंदगी, डेटा-स्वामित्व सब खतरे में।
सरकार का पलटाव — सफाई या दबाव?
हालाँकि पहले आदेश ये था कि ऐप हटाया न जा सके, लेकिन बाद में मीडिया रिपोर्ट्स और विरोध के बाद सरकार थोड़ा पीछे हटी। अधिकारियों ने कहा कि अगर आप नहीं चाहते, तो ऐप को डिलीट कर सकते हैं।
फिर भी समस्या यह है — जब पहली शर्त “non-removable” थी, और अब “optional” कह दिया गया, तो स्वाभाविक रूप से भरोसा करना मुश्किल हो जाता है कि आगे कभी इसे फिर से अनिवार्य या अज्ञात तरीके से ऐक्टिव नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही कई तकनीकी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह कदम “एक बिंदु” हो सकता है अंततः, यह भविष्य में और अधिक निगरानी-ऐप्स, और और भी गहरी डेटा-कटाई का दरवाज़ा खुल सकता है।
Sanchar Saathi App Kaise Kaam Karta Hai?
Sanchar Saathi तीन मुख्य modules पर चलता है:
🔸 1. CEIR – Central Equipment Identity Register
IMEI tracking + device identity verification
(हर फोन का fingerprint)
🔸 2. TAFCOP – SIM Fraud Monitoring System
एक व्यक्ति पर कितनी SIMs चल रही हैं → पूरा रिकॉर्ड
🔸 3. Citizen Services Portal
SIM Check, Number Check, IMEI Check, Lost Phone Report आदि।
🔸 4.KYI (Know Your IMEI)
- आपका IMEI genuine है या नहीं
- Duplicate IMEI की पहचान
अब जब आधिकारिक फीचर्स समझ आ गए हैं, आइए देखें कि इसी में खतरे कहाँ छिपे हैं।
🔴 क्या Sanchar Saathi App सच में सुरक्षित है?

Explanation of Pre-Crime and Predictive Policing
भारत में “प्री-क्राइम” और “प्रीडिक्टिव पुलिसिंग” जैसे शब्द आम लोगों के लिए नए हो सकते हैं, लेकिन इनका मतलब काफी सीधा है—
अपराध होने से पहले ही यह अनुमान लगाना कि कौन-सा व्यक्ति भविष्य में खतरा बन सकता है।
साधारण भाषा में समझें तो:
- Pre-Crime का मतलब:
किसी के ऊपर तभी नज़र रखना जब उसने अपराध किया हो — ऐसा नहीं।
बल्कि, यह मानकर कि “यह व्यक्ति आगे चलकर किसी जोखिम का कारण बन सकता है”, उसकी गतिविधियों को पहले से मॉनिटर करना। - Predictive Policing:
टेक्नोलॉजी और डेटा के आधार पर यह अनुमान लगाना कि कौन से लोग, किस इलाके में, या किस व्यवहार के आधार पर, भविष्य में किसी अपराध से जुड़ सकते हैं।
लोगों की चिंता इसलिए बढ़ रही है क्योंकि:
👉 फोन टैपिंग या निजी डेटा एक्सेस सामान्य हालात में सरकार बिना अनुमति के नहीं कर सकती।
लेकिन दूसरी ओर, अगर ऐप इंस्टॉल है और उसे ज़रूरी permissions मिल जाती हैं, तो यूज़र अनजाने में ही अपनी बहुत-सी निजी जानकारी सिस्टम को सौंप देता है।
इसी कारण कुछ लोगों को लगता है कि यह “सुरक्षा के नाम पर निगरानी बढ़ाने” वाला मॉडल बन सकता है—
कुछ-कुछ वैसे ही जैसे अक्सर कहा जाता है, “Big Brother is watching you.”
भारत के कानूनों में सुरक्षा के लिए कुछ प्रावधान हैं, जैसे भारत के संविधान के आर्टिकल 22 के तहत दिया गया अधिकार है, जिसके तहत बिना ट्रायल के भी किसी को हिरासत में लिया जा सकता है यदि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माने जाएं। इस वजह से कुछ गंभीर मामलों में किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने का अधिकार।
यानी एक तरफ सुरक्षा का सवाल है, और दूसरी तरफ निजता का अधिकार।
इसीलिए संचार साथी ऐप को लेकर कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि—
क्या यह एक सुरक्षा ऐप है, या धीरे-धीरे एक निगरानी टूल बनता जा रहा है?
सोशल क्रेडिट स्कोर और टोटल कंट्रोल
Sanchar Saathi App को लेकर आशंका है कि यह नागरिकों पर पूरी निगरानी की दिशा में कदम हो सकता है — आधार के बाद अब एक तरह का सोशल क्रेडिट स्कोर सिस्टम।
- आधार से पहले ही आपकी पहचान, बैंक और मेडिकल जानकारी जुड़ी हुई है।
- अगर सोशल क्रेडिट जैसा सिस्टम लागू होता है, तो आपके व्यवहार के आधार पर सेवाएँ मिलेंगी या रोकी भी जा सकती हैं।
- कम स्कोर होने पर ट्रांसपोर्ट, बैंकिंग या सरकारी सुविधाएँ सीमित हो सकती हैं।
- और अगर ऐप अनिवार्य जैसा हो गया, तो हर मोबाइल यूज़र लगातार ट्रैक किया जा सकेगा।

🧭Sanchar Saathi के संभावित खतरे🧭
अगर सरकार या कोई private agency इस डेटा का दुरुपयोग करे तो क्या हो सकता है?
1️⃣ Complete Mobile Tracking Ecosystem
Sanchar Saathi IMEI + SIM + Aadhaar + Location को जोड़ देता है।
अगर इसे centralized surveillance के लिए उपयोग किया जाए तो user की privacy खत्म हो सकती है।
Misuses:
- Real-time location monitoring
- Contacts / calls mapping
- IMEI-based movement profile
- Social circle analysis
2️⃣ Digital Profiling of Citizens
क्योंकि आपका हर फोन, हर SIM और हर IMEI Aadhaar से linked है, एक detailed “digital personality graph” तैयार किया जा सकता है।
इसमें शामिल हो सकता है:
- Social influence score
- Political leaning signals
- Purchase behavior
- Travel patterns
ये सब China-type citizen scoring जैसा framework तैयार कर सकते हैं।
3️⃣ Mass SIM Scrutiny & Digital Control
यदि, कभी सरकार चाहे, तो Aadhaar-linked SIM को strict regulations के ज़रिए नियंत्रित किया जा सकता है।
संभावित future controls:
- SIM freeze (behavior-based)
- Digital ID mandatory for calls
- IMEI lock for unpaid government dues
- CBDC + SIM verification mandatory
4️⃣ Blackbox AI Filtering System
इसी क्रम में,Sanchar Saathi के पीछे AI आधारित detection model बताया जाता है।
देखने पर ये AI—
- Suspicious behaviour
- Political keywords
- Certain groups
को automatically “high-risk” टैग कर सकता है।
ऐसे सिस्टम में transparency लगभग zero हो सकती है।
Sanchar Saathi App Privacy: Safe vs Risk Factors
| Feature / System | लाभ (Benefit) | जोखिम (Risk) |
|---|---|---|
| IMEI Tracking | चोरी का फोन मिल सकता है | हर device की life-long tracking संभव |
| SIM Check | fraud SIM हटती है | user identity profiling |
| TAFCOP | SIM misuse कम होता है | behavior monitoring |
| Central Database | national security मजबूत | mass data hack हो सकता है |
| Pre-installed App | adoption आसान | consent खत्म |

Sanchar Saathi app का अगर misuse हुआ, तो क्या हो सकता है?
⚠️ 1. Mass Surveillance—पूरे देश की निगरानी संभव
अगर ऐप IMEI, SIM history, device metadata, call-log जैसी जानकारी स्टोर करे, तो:
- किसी नागरिक का पूरा social graph reveal हो सकता है
- किस समय कौन-कहाँ था — movement pattern track हो सकता है
- संबंध, दोस्ती, political भुगोल, travel data — सब traceable हो सकता है
👉 यह एक advanced surveillance ecosystem बना सकता है।
⚠️ 2. Data Misuse, Profiling और Blackmailing
यदि डेटा leaked या hacked हो जाए:
- कॉल हिस्ट्री blackmail के लिए उपयोग हो सकती है
- Political profiling संभव है
- Sensitive जानकारी data brokers तक पहुँच सकती है
👉 ऐसे leaks पहले भी दुनिया में कई जगह हुए हैं।
⚠️ 4. Abuse of Power—Political या Social Targeting
मान लीजिए कि सिस्टम misuse हुआ:
- पत्रकार, एक्टिविस्ट, और dissenting voices track किए जा सकते हैं
- Minority या opposition groups की गतिविधियाँ monitored हो सकती हैं
👉 यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।
⚠️ 5. Data Breach—हैक, leak या unauthorized sharing
ऐसी स्थिति में security कमजोर हुई:
- IMEI–SIM database black market में बिक सकता है
- Criminals के हाथ sensitive telecom data जा सकता है
- Identity theft की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी
⚠️ 3. “Normalization of Surveillance”—निगरानी को सामान्य बनाना
कहीं ऐसा न हो कि app हर फोन में पहले से pre-installed आए:
- जनता surveillance को “normal” मानने लगेगी
- आने वाले वर्षों में और invasive features जोड़ना आसान होगा
- privacy-conscious culture धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगा
📊 Comparison Chart: Sanchar Saathi App – फायदे and खतरे
| फायदे (Benefits) | संभावित खतरे (Risks) |
|---|---|
| चोरी के मोबाइल की ट्रैकिंग व ब्लॉकिंग | Mass surveillance की संभावना |
| Fake SIM और fraud detection | User data profiling का खतरा |
| Cyber fraud रिपोर्ट करना आसान | Pre-installed होने पर consent कमजोर |
| National security framework को support | Political misuse या targeting |
| Stolen phone IMEI database use | Data breach / hacking vulnerability |
Sanchar Saathi App को इंस्टॉल करने पर यह आपके फोन का कैमरा, कॉल लॉग, मैसेजेस, और अन्य डेटा एक्सेस कर सकता है।
- App आपकी जानकारी के बिना कैमरे से फोटो ले सकता है — जो थोड़ा डराने वाला लगता है।
- इसी के साथ, किसी को भी आपकी अनुमति के बिना संदेश भेज सकता है साथ ही appआपके संदेश पढ़ भी सकता है।”
- आपकी कॉल्स और मैसेजेस तक पहुंच होना किसी की पर्सनल लाइफ में झांकने जैसा है।
- ये सब मिलकर पूरी निगरानी एक तरह की जासूसी जैसी महसूस होती है।
- ऐसा लगता है कि सरकार इस ऐप के जरिए लोगों की बातचीत और रोज़मर्रा की एक्टिविटीज़ पर ज्यादा करीब से नजर रखना चाहती है।
Behavioral control and social pressure from fear
1 पतरस 5:8 सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जने वाले सिंह की नाईं इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए।
यदि कोई नागरिक सरकार द्वारा जारी किए गए नियमों का उल्लंघन करता है, जैसे कि वैक्सीन न लगवाना, तो उसे राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे के रूप में माना जाएगा।
- सरकार के पास आपकी कॉल्स, मैसेजेस, और कैमरे के जरिए सबूत होंगे।
- ऐसे मामलों में गिरफ्तारियां और डर का माहौल पैदा होगा।
- इससे लोग चुपचाप सरकारी आदेशों का पालन करने लगेंगे।
🌐 Key Insights — दुनिया में ऐसा पहले भी हुआ है
🔎 Global Real Examples
- कई देशों में state-backed surveillance apps misuse हो चुके हैं — जैसे spying, location tracking, social-credit systems आदि.
- कॉन्टैक्ट-ट्रेसिंग/हेल्थ ऐप्स , जिन्हें सुरक्षा के लिए लॉन्च किया गया था, बाद में डेटा के दुरुपयोग या गोपनीयता के उल्लंघन की आलोचना की गई।
- कुछ देशों में pre-installed apps व invasive permissions ने “normalization of surveillance” की राह खोल दी।

🌍 🌐 GLOBAL REAL EXAMPLES (दुनिया में Surveillance Apps कैसे misuse हुए)
दुनिया में कई ऐसे ऐप आए जो शुरुआत में “सुरक्षा” या “सुविधा” के नाम पर लॉन्च हुए, लेकिन धीरे-धीरे वे निगरानी और नियंत्रण के बड़े हथियार बन गए। इसी वजह से ऐसे मॉडल पर सवाल उठना ज़रूरी है।
1️⃣ चीन – Social Credit System (सबसे बड़ा Surveillance Network)
चीन में नागरिकों के फोन, कैमरा, बैंक, सोशल मीडिया, लोकेशन और travel डेटा को एक साथ जोड़ा गया।
इसके बाद, सरकार ने लोगों की हर गतिविधि ट्रैक करना शुरू कर दिया—
प्रकाशितवाक्य 13:16
“और उसने सब छोटे-बड़े, धनी-निर्धन, स्वतंत्र-दास सबके दाहिने हाथ या उनके माथे पर एक छाप करा दी।”
- किससे मिलते हो
- कहाँ जाते हो
- क्या खरीदते हो
- क्या बोलते हो
- ऑनलाइन क्या Like करते हो
सब track करना शुरू किया।
❗Misuse / परिणाम:
- गलत पोस्ट कर दी → score कम
- सरकार के खिलाफ लिखा → travel ban
- जिसने loan न भरा → family तक surveillance
- social circles भटके → उनका भी score गिरा
इसी तरह, Sanchar Saathi app जैसा phone-tracking model → चीन की surveillance structure का शुरूआती चरण जैसा है।
2️⃣ UAE – ToTok App (यूएस इंटेलिजेंस ने expose किया)
दरअसल, दुनिया भर के लोग ToTok को एक सामान्य chatting app समझकर इस्तेमाल कर रहे थे।
लेकिन धीरे-धीरे खुलासा हुआ कि:
- यह सरकार द्वारा बनाया surveillance tool था
- हर call, message, photo, location secretly track हो रही थी
- फोन का microphone background में on किया जा सकता था
यानी: “helpful app” = वास्तविक spy tool.
3️⃣ सऊदी अरब – Absher App (Women Tracking)
सऊदी सरकार ने Absher नाम का app बनाया था “शासकीय सेवाओं” के नाम पर।
लेकिन बाद में सामने आया कि:
- पुरुष लोग अपनी पत्नी/बहन की लोकेशन ट्रैक कर सकते थे
- विदेश यात्रा पर जा रही महिला को app से instant रोक सकते थे
- “permission system” से movement control हो गया
अंततः,यह दुनिया के सबसे खतरनाक digital control models में से एक माना गया।
4️⃣ ऑस्ट्रेलिया – COVIDSafe App (Data misuse reported)
COVID के दौरान सरकार ने contact-tracing app लॉन्च किया।
शुरू में दावा: “सिर्फ health purpose के लिए।”
लेकिन कुछ समय बाद, यह पता चला कि:
- data police ने criminal investigations में उपयोग किया
- retention period बढ़ा दी
- app में encryption flaws मिले
- कई जगह unauthorized access की घटनाएँ सामने आईं
इस वजह से emergency ऐप → long-term Surveillance सिस्टम बन गया।
5️⃣ दक्षिण कोरिया – Mandatory Phone Tracking (Pandemic rules)
यहाँ contact-tracing system इतना advance था कि:
- कौन किस hotel में था
- कौन किस shop में गया
- किस taxi में बैठा
- कौन सा medicine खरीदा
सबका पूरा digital trail सरकार के पास आ गया।
दूसरी ओर,कई नागरिकों ने बताया कि यह privacy invasion था और बाद में डेटा misuse की शिकायतें आईं।
6️⃣ Hungary – Pegasus Spyware scandal
सरकार ने Pegasus का उपयोग किया:
- पत्रकार
- विपक्षी नेता
- NGO कार्यकर्ताओं
- dissenting citizens
की फ़ोन कॉल, चैट, लोकेशन और कैमरा तक hack करने के लिए।
इससे, यह दुनिया की सबसे बड़ी surveillance scandals में शामिल हो गया।
7️⃣ भारत – Aarogya Setu (Data Retention Issue)
Sanchar Saathi की तरह Aarogya Setu भी शुरू में “help app” था।
लेकिन बाद में कई समस्याएँ सामने आईं:
- data deletion timeline clear नहीं थी
- location & bluetooth data लोगों की जानकारी के बिना store होता रहा
- open-source audits देर से आए
- RTI में सरकार ने कहा: “हमें पता नहीं data का owner कौन है”
इससे साफ हुआ कि transparency की कमी बड़े जोखिम पैदा कर सकती है।
🛑 ये सभी examples एक बात साबित करते हैं:
जहाँ भी surveillance-capable apps आते हैं—वहाँ misuse का risk हमेशा मौजूद होता है, खासकर जब governance weak हो।
🔎 अब अगर इन global patterns को देखें → Sanchar Saathi में क्या risks हो सकते हैं?
- फोन IMEI + SIM data + usage info = एक व्यक्ति की पूरी digital identity
- centralized database = attractive target for hackers
- misuse होने पर political targeting संभव
- normalization → future में और invasive tracking आसान
- “help app” → “control app” बनना बहुत आसान है
- pre-installed होने से consent खत्म
यानी वही pattern, जो दुनिया में दर्जनों बार देखा गया है।
👉 इतिहास बताता है कि good intentions वाले apps भी एक दिन control tools बन सकते हैं।
🛡️ अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं — तो क्या करें
- अपने दोस्तों और परिवार को जागरूक करें, खासकर उन लोगों को जो तकनीकी रूप से कम जानते हों, ताकि उन्हें पता हो कि pre-installed apps भी privacy-risk हो सकते हैं।
- डेटा-प्राइवेसी कानूनों और नागरिक अधिकारों की जानकारी रखें। यदि सरकार या कंपनियाँ ऐसे apps को ज़ोर देकर थोपें — तो सवाल पूछें।
🧾 Conclusion — Sanchar Saathi: सुरक्षा या सूक्ष्म निगरानी?
हालाँकि Sanchar Saathi एक technologically powerful tool है। इसके फायदे निश्चित रूप से मौजूद हैं।
लेकिन—
जब कोई ऐप IMEI, SIM, device identity, telecom records, metadata तक पहुंच रखता हो, और उस पर full transparency, strong encryption न हों —तो वह सुरक्षा की तरह नहीं,
बल्कि एक surveillance backbone की तरह दिखने लगता है।
अगर आप सच में digital सुरक्षा चाहते हैं — तो हर “free/facility” ऐप को सोच-समझ कर, जागरूकता के साथ इस्तेमाल करें।
आपका अधिकार है: जानकार रहें, permissions समझें, डेटा एक्सेस सीमित करें — और blind acceptance से बचें।
“किसी भी technology में इतना अधिकार नहीं होना चाहिए कि वह नागरिक की privacy को जोखिम में डाल दे।”
📢 Call to Action
आज Digital दुनिया तेज़ी से बदल रही है, इसलिए यह ज़रूरी है कि हम समझें कि कौन सा app हमारी सुरक्षा बढ़ाता है और कौन सा हमारी निगरानी।
इसी वजह से, अगर आपको लगता है कि surveillance-based ऐप्स पर चर्चा जरूरी है,
तो इस ब्लॉग को अभी शेयर करें, ताकि और लोग भी समय रहते जागरूक हो सकें।
–यूहन्ना 8:32“
तुम सत्य को जानोगे, और सत्य तुम्हें स्वतंत्र करेगा।”
👉 इसके अलावा, comment करके जरूर बताएं:
आपके हिसाब से Sanchar Saathi app—सुरक्षा है या Surveillance?
साथ ही, अपनी राय खुलकर लिखें, क्योंकि जागरूक नागरिक ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। जब स्वतंत्रता पर डिजिटल मुहरें भारी पड़ने लगें,
वचन चेतावनी देता है— विश्वास असली पहचान है।”













